पंजीकरण की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 है
आप सभी को बताते हुए यह हर्ष हो रहा है कि सहचर हिंदी संगठन (पंजी.) नई दिल्ली, भाई किशनराव देशमुख महाविद्यालय, चाकूर, महाराष्ट्र, शासकीय स्नातक महाविद्यालय, इब्राहिमपटनम और सेंट एलोशियस कॉलेज, एलत्तुरुत्त, त्रिशूर, केरल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “भारत में लोक और लोक में भारत” विषय पर दि. 14-15 मार्च 2026को ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी कर रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय ई- संगोष्ठी में देश विदेश के विद्वान अपने विचार रखेंगे।
साथ ही ई संगोष्ठी में प्रस्तुत विषय पर शोध वाचन भी होगा। जो भी प्रतिभागी इस संगोष्ठी में अपना शोध-पत्र पढ़ना चाहते हैं उन्हें 13 मार्च 2026 तक अपना शोध पत्र sahacharhindisangathan@gmail.com ई-मेल पर भेजें। अच्छे शोध पत्र का प्रकाशन पीयर रिव्यू पत्रिका “सहचर” में किया जाएगा। शोध-पत्र वाचक को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। शोध-पत्र प्रस्तोता के लिए पंजीकरण शुल्क 200 रुपया है जो निम्नलिखित खाता में पे करना है:Name: Sahchar Hindi Sangthan
Account No: 44078907125
IFSC : SBIN0017625
Bank Name : State Bank of India.
अन्य सभी प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण नि:शुल्क है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 है। सहचर हिंदी संगठन को और अधिक समझने के लिए इसके वेबसाइट vishwahindisangathan.com देखा जा सकता है।
शोधलेख हेतु उपविषय*
• लोकबोलियों की सत्ता और महत्ता
• लोकगीतों का भावपक्ष एवं कलापक्ष
• लोकसाहित्य : परंपरा एवं प्रयोग
• भारत की सांस्कृतिक पहचान एवं लोकसाहित्य
• लोकसाहित्य एवं लोककलाएं
• भारतीय ज्ञान परंपरा एवं लोकसाहित्य
• लोकसाहित्य के अध्ययन की प्रक्रिया एवं दिशाएं
• लोकसाहित्य में अभिव्यक्त पर्यावरण चेतना
• भारतीय अध्यात्म, दर्शन एवं संस्कृति के बोलते चित्र : लोकसाहित्य
• लोकसाहित्य में संरक्षित प्रागैतिहासिक, ऐतिहासिक एवं पौराणिक साक्ष्य
• लोकसाहित्य का भाषावैज्ञानिक अध्ययन
• भारतीय संस्कृति संरक्षण में लोक गाथाओं की उपादेयता
• ग्रामीण जीवन शैली में कहावतें
• ऋतु सम्बंधी लोक गीत और विभिन्न प्रकार के भारतीय रीति रिवाज : एक अध्ययन
• लोक उत्सव और सामाजिक जनचेतना
• लोक गीतों में भारतीय इतिहास का गौरव गान।
• लोक संस्कृति में भारतीय आत्मा
• लोक साहित्य में स्त्री संघर्ष
• लोक कला में भारतीय सौंदर्य बोध
• लोक और शास्त्र का द्वंद्व एवं समन्वय
• लोक नृत्य क्षेत्रीय अस्मिता
• लोक की बोलियों का मानवीय मूल्यों के संरक्षण में विशेष योगदान
• लोक जीवन शैली पर आधुनिकता का प्रभाव
• वैश्वीकरण के दौर में भारतीय लोक संस्कृति
• लोक विश्वास टोना टोटका और सामाजिक मनोविज्ञान
• लोक और भारतीय राष्ट्रवाद
• लोक साहित्य में भारतीय संस्कृति
पंजीकरण लिंक : https://forms.gle/VqR2jncBZMchwDoY6
व्हाट्सएप ग्रुप : https://chat.whatsapp.com/IXGcTnBCtme8sYZpe3Gbwa
अधिक जानकारी हेतु संपर्क
डॉ. संतोष कुलकर्णी – 9767755911
प्रा. राजेश विभूते – 9422940154
डॉ. के. माधवी – 9912838898
डॉ. सी. पी. राजू – 8330080066
प्रो. पंढरीनाथ पाटील – 8208588900
डॉ. आलोक रंजन पांडेय – 9540572211